diwali kyu manaya jata hai | Diwali In Hindi पूरी जानकारी

Hello दोस्तों कैसे है आप लोग आप का फिर से स्वागत है आप के अपने Blog में आज हम बात करने जा रहे है एक बड़े ही खास Festival के बारे में जिसे India में बहुत ही धूम धाम से मनाया जाता है। और जिसे हर कोई मानना पसंद करता है। हम बात कर रहे है Diwali के बारे में जिसे मनाने के लिए लोग कई दिनों पहले से ही त्यारीयो  मे लग जाते हैं।
 
आज हम बात करेंगे दीपावली के बारे में जिसे भारत के सबसे बड़े त्यौहार के रुप में भी मनाया जाता है। और हम  आप को पूरी जानकारी देंगे की दिवाली क्यों और कैसे मनाई जाती है। 

diwali kyu manaya jata hai ( Diwali in Hindi )

दिवाली हिन्दुओं का प्राचीन और प्रसिद्ध त्यौहार है। शर्द त्रित्तु (उत्तरी गोलार्थ ) हर वर्ष मनाया जाता वाला त्यौहार हैं दीपावली कार्तिक मास की अमावस्या में मनाई जाती है हिन्दू घर्म में यह दीपावली भारत के सबसे बड़े और सर्वधिक महत्वपुर्ण त्यौहार में से एक है। 
 
दिवाली In Hindi को दीपो की माला का त्यौहार कहा जाता है अत्यधिक रुप से अंधकार पर प्रकाश की विजय को दर्शाता है। और भारत वर्ष में मनाये जाने वाले सभी त्यौहार में दीपावली का सामाजिक और धार्मिक दोनों द्रष्टि से बहुत ही महत्वपुर्ण मन जाट है। इसे दीपोत्सव भी कहते है। 
 
“तमसो मा ज्योति गमय” अर्थात – हे भगवन मुझे शस अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाएं। 
 
दीपावली स्वछता और प्रकाश का पर्व हैं। कई हफ्ते पहले से ही (Diwali In Hindi) Diwali की त्यारियां शुरू हो जाती है। लोग अपने घरो दुकानों को रंगो और सफेदी आदि से साफ सफाई होने लगती है। और लोग अपने घरो और दुकानों को लाइटों वगेरा से सजाते है। 
 
और बाजारों और गलियों में भी सुनहेरी लड़ियों से सजाया जाता है दीपावली में पहले ही घर मोहल्ले बाजार सब साफ -सुथरे व सजे धजे नजर आते है। 
 
Diwali में दीपावली का त्यौहार भारत में एक प्रमुख खरीदारी की अवधि का प्रतिक है। उपभोगता खरीद और आर्थिक गतिविधियों के सन्दर्भ में दिवाली , पश्चिम में किस मास के बराबर है। यह पर्व नए कपडे घर के सामान उपहार , सोना चांदी और अन्य खरीदारी का समय होता हैं। diwali kyu manaya jata hai
 
Diwali के त्यौहार पर खर्च और खरीद को शुभ माना जाता है क्योकि लक्ष्मी को धन समृद्धि और निवेश की देवी माना जाता है  और दिवाली को भारत में सोने और गहने की सबसे खरीद का सीजन माना जाता है। और दिवाली के दौरान घरो में लोगो के कई तरह के पकवान भी बनते है। और इस दोरान दिवाली का त्यौहार अपनी चरम सीमा पर होता हैं। 

diwali pradushan

हर वर्ष पांच हजार करोड़ से भी ज्यादा के पटाको की खपत होती है। अन्य प्रमुख त्योहारों के साथ ही दिवाली के Time स्वास्थ्य पर काफी प्रभाव पड़ता हैं। जैसे की विद्वानों के अनुशार आतिशबाजी के दौरान इतना प्रदूषण हो जाता है जितना की कई महीनो में होता है।
 
और हर दिवाली की पिछली दिवाली से ज्यादा प्रदूषण पाया जाता है जिस के चलते हवा में कई गुना ज्यादा प्रदूषण फेल जाता है। और इस अध्यन की वजह से पता चलता है की आतिशबाजी के बाद हवा में धूल के महीन कण हवा में मिल जाते है और यह प्रदूषण सत्तर एक दिन के लिए रहता है। 
 
और प्रदूषण 24 घंटे के बाद वास्तविक सत्तर पर लौटने लगता है। दिवाली की अतिशा बजी के दौरान भारत में जलने की चोटों में वृद्धि पाई जाती है। अनार नामक एक पटाखे के कारन से 65 % चोटे लगती है। और लोग इस का शिकार होते है।  

Diwali क्या हैं और Diwali का इतिहास। Diwali kyu manaya jata hai ?

चलिए जानते है की आखिर Diwali क्या हैं। दीपावली शब्द की उत्त्पति संस्कृत के दो शब्दों (दीप ) और (अवली) से मिल के बना है। इसीलिए इसे दीपावली कहा जाता है। 
 
भारत वर्ष में प्राचीन काल से ( दिवाली क्या है ) दिवाली को हिन्दू कैलेंडर के कार्तिक मास में गर्मी की फसल के बाद के एक त्यौहार के रूप में दर्शाया जाता है। पानंदा पुराण और स्कन्द पुराण Diwali का उल्लेख मिलता है। की ग्रन्थ पहेली शस्त्रंदी के दूसरे भाग में किन्ही केन्द्रीय पाठ को विस्तृत  लिखे गए थे। दिप यानि दीपक को स्कन्द पुराण में सूर्य के हिस्सोंका प्रतिनिधित्व करने वाला  माना जाता हैं 
 
सूर्य जो जीवन के लिए प्रकास और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है और जो कैलेंडर के अनुसार कार्तिक माह में अपनी स्थिति  बदलता है। और देश के कुछ हिस्सों में हिन्दू दिवाली को यम और नचिकेता की कथा के साथ भी जोड़ते है। 
 
7 वी शताब्दी के नाटक नागंद के राजा हर्ष ने इस दीप प्रतिपादुत्सव कहा गया है जिस में दिये जलाये जाते है और नई दुल्हन और दुल्ह को तोफा दिया जाता है। 
 
Diwali के दिन समुद्र मंथन के बाद लक्ष्मी और धनवतीर प्रकट हुए थे दिवाली पर माता लक्ष्मी की पूजा होती है। और वही दिवाली से 3 दिन पहले धनतेरस को मनाया जाता है। 
 
दिवाली लो विभीन्न ऎतिहासिक घटनाओ और कहानियो से जोड़ा जाता है और इस सब मिथको को चिन्हित करने के लिए हिन्दू जैन और शिख मुस्लमान और सभी धर्मो द्वारा मनाई जाती हैं। और Diwali Kya Hai or diwali kyu manaya jata haiदिवाली को बुराई पर अच्छाई , अंधकार पर प्रकाश , अज्ञान पर ज्ञान , और निराश पर आशा पर विजय को दर्शाता है
 
हिन्दुओ के योग वेदान्त और संख्या दर्शाने में यह विश्वास है की इस भौतिक शरीर और मन से परे वह कुछ है जी शुद्ध अनन्त और शाश्वत है। आत्मन या आत्मा कहा गया है Diwali क्या है  इसे आध्यात्मिक अंधकार पर प्रकाश अज्ञान पर ज्ञान असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई का उत्सव मन जाता है 

Diwali क्यों मनाते हैं Why We Celebrate Diwali ?

आप सब जानते होंगे की हम सब दिवाली मानना पसंद करते है पर दिवाली क्यों मनाते है तो चलिए जानते है की आखिर Diwali kyu manate hai हम सभी लोग हर वर्ष दीपावली का त्यौहार हिंदी calendar के अनुशार कार्तिक महीने की अमावस्या के दिन मनाई जाती है 
 
इस दिन इसे दिन समुद्र मंथन के वक़्त माता लक्ष्मी जी ने सृस्टि में अवतार लिये थे। माता लक्ष्मी को धन और समृद्धि की देवी माना जाता है और एहि दिवाली इसीलिए भी मनाई जाती है क्युकी इस दिन जो व्यक्ति भक्ति भाव से लक्ष्मी जी की पूजा करते है उन पर लक्ष्मी माता की कृपा जरूर होती है। 
 
दिवाली मानाने का सबसे महत्वपुर्ण कारन यह भी है की इस दिन श्री राम चन्द्र रावण का वध करके सीता माता को रावण की कैद से मुक्त किया था। और बुराई पर अच्छाई की विजय हुई थी। इस प्रकार श्री राम चन्द्र जी ने अपनी अर्धागनी सीता को द्वारा प्राप्त किया था। 
धनतेरस वाले दिन तुलसी या घर के द्वार पर दीपक जलाया जाता है। इस के अगले दिन नरक चतुर्दशी या छोटी Diwali होती है। 
 
और उस के अगले दिन दीवाली क्या है और Diwali In India इस दिन हर घरो में दिये जलाये जाते है और इस दिन घरो में सुबह के ही तरह तरह के पकवान बनना शुरू हो जाते है बाजारों में खील बताशे मिठालिया और लक्ष्मी गणेश आदि की मुर्तिया भी लोग खरीदने लगते है। और हर जगह आप को आतिशबाजी भी आप को देख ने को मिलती है और आप को लग भाग सभी दुकाने भी सजी मिलती है जिस के आप Diwali kya hai और Diwali kyu manate hai इस का आप को अंदाजा हो जाएगा। 
 
दिवाली वाले दी लोग एक दुसरो के घरो में जा के जैसे रिश्तेदरों मित्रो और अपने सभी सगे सम्बन्धी को  Diwali की शुभकामनाये देते है और एक दूसरे को मिठालिया देते है जिस से लोगो में प्यार बढ़ता है। 
 
दीपावली की शाम को लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है और पूजा के बाद लोग अपने अपने घरो के बहार दिये मोमबत्ती आदि जलाते है और आप देखेंगे की Diwali के दिन आप को चारो ओर दियो को चमकती रौशनी दिखाई देगी और इस दिन की Photo आप satellite से खींची देखेंगे तो वह बहुत ही सुंदर दिखाई देती है। 
 
रंग बिरंगे बल्ब और चमकती हुई गालिया और बाज़ार सभी जगमगाते है और इस दिन का सभी लोग मिल के आनंद लेते है और इसे हर उम्र का व्यक्ति बहुत ही ख़ुशी से मनाता है। और Diwali की रात कार्तिक की अंधेरी रात पूर्णिमा से भी अधिक प्रकाशयुक्त दिखाई देती है। 

Diwali In India / diwali kyu manaya jata hai

Diwali In India दिवाली से अगले दिन गोवर्धन पर्वत की पूजा की  जाती है क्युकी इस दिन श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी ऊँगली पर उठा लिया था और लोगो को इंद्र के क्रोध के लोगो को बचाया था और इसी दिन लोग अपने गाये बैल को सजाते है और साथ ही गोबर का बर्तन बना के उस की पूजा करते है। 
 
और उसे के बाद भाई दुज भी आता है भाई दुज भैया दुज भी कहते है इस दिन भाई और बेहेन गांठ जोड़ कर यमुना नदी में मस्तक पर तिलक लगा कर उसके मंगल की कामना करती है और लोग अपनी दुकानों पर लक्ष्मी पूजन करते है। उनका मानना है की असा करने पर धन की देवी लक्ष्मी जी की उन पास किरपा होगी और कृषक वर्ग के लिए विशेष महत्व होता है। 
 
खरीफ की फसल पक के तैयार हो जाने से किर्शको के खलिहान समृद्ध हो जाते है कृषक समाज अपनी समृद्धि का पर्व बड़ी ही उल्लास से मानते हैं। और दिवाली का यह महत्वपूर्ण त्यौहार अंधकार पर प्रकाश की विजय का पर्व समझा जाता है। 
 
यह पर्व लोग बड़ी ही उल्लास और भाई चारे व प्रेम का सन्देश फैलता है यहाँ पर्व सामूहिक व व्यक्तिगत दोनों तरह से मनाया जाने वाला असा पर्व है। जो धार्मिक सांस्कृतिक और सामाजिक विशिष्ट्ता रखता है। हर प्रान्त या क्षेत्र में दिवाली मनाने के कारन एव तरीके अलग अलग है पर सभी जगह सभी लोग इस त्यौहार में भाग लेते है और अंधकार पर प्रकाश की विजय का पर्व समाज में उल्लास भाईचारे Diwali in India में मानाने के कई कारण एव तरीके अलग है। सभी जगह कई पीढ़ियों से एहि त्यौहार चला आ रहा है लोगो में दिवाली की बहुत बड़ी उमंग होती है। 
 

Diwali का महत्व In हिंदी पूरी जानकारी { Diwali in hindi }

दिवाली वाले दिन लोग एक दूसरे को मिठाईया और उपहार देते है। ऐसा इसिलए किया जाता है क्योकि यह हमारी खुशियों को फैलाने में सहायता करता है और यह और यहाँ मिथलिया और उपहार देना पुराणी परंपरा है। जो कई वर्षो से चली आ रही है इस प्रकार लोग अपनी दिवाली मानाने की ख़ुशी को दर्शाते है। 
diwali kyu manaya jata hai
ऐसा माना जाता है की अगर Diwali वाले दिन अगर हम लोगो का मुँह मीठा करते है तो इससे लश्मी माता और गणेश भगवन बहुत पर्सन होते है इसी कारन सभी लोग भी खुश होते है इस वजह से दिवाली वाले दिन सब लोग एक दुषरे को मिठाई और उपहार देते है और साथ ही दिवाली ली शुभकामनाए देते हुए एक दूसरे के गले मिल कर एक दूसरे का मुँह मीठा करते है और सभी लोग यह दिवाली हर वर्ष मिल जल के मानते है 
 
दीवाल को बुराई पे अच्छाई की जित इसीलिए कहा जाता है। क्युकी की श्री राम चंद्र लंका के राजा रावण का वध कर के सीता माता को मुक्त करवाया था और उन के साथ दिवाली वाले दिन श्री राम अपनी पत्नी और छोटे भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या वापिस लोटे थे उन के अयोध्या वापस आने की खुश में अपने घरो के बहार घी के दीपक जलाकर अमावस्या की काली रात की उजाले से भर दिया था 
 
और श्री राम माता सीता और छोटे भाई लक्ष्मण जी का स्वागत किया था इस प्रकार रावण का अंत हुआ और बुराई पर अच्छाई की जित हुई इसी कारण हर वर्ष दीपावली मनाई जाती है। मन जाता है की दिवाली वाले दिन ही भगवन विष्णु ने राजा महाबली को पटल लोक का राजा बनाया था और इसी दिन भगवन विष्णु ने नरसिंह रूप धारण कर हिरणसशयप का वध किया था। 
 
भारतीयों का विश्वास है। की सत्य की सदा जित होती है और झूट का नाश होता है दिवाली यही चरितार्थ करती है असतो मा सद्गमय तमसो मा ज्योतिगम्य। 
 
दिवाली की रात को सभी अपने घरो में गणेश भगवन और धन की देवी लक्ष्मी माता या एक से अधिक देवी देवता की पूजा करते है दिवाली की रात को आतिशबाजी आसमान को रोशन कर देती है बाद में परिवार के सुखी सदस्य और आमंत्रित सभी लोगो खाना खिलाया जाता है और मिथलियो के साथ रात को दिवाली मानते है। 
आसा करता हूँ की आप को मेरे Blog को पढ़ के कुछ सिखने को मिला होगा अगर आप को ये Post अच्छी लगी हो या कुछ पूछना चाहते हो तो Please Comment कर के जरूर बताना और हमारे Blog को पढ़ने के लिए आप का बहुत बहुत शुक्रिया हम आप के लिए इसी तरह के अच्छे Post लेट रहेंगे धन्यवाद् 
Also read, https://hindilaksh.com/2020/07/15/teacher-day-kyu-manaya-jata-hai.html

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